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प्रोपेगैंडा वेबसाइट द वायर की पत्रकार आरफा के ट्वीट की सच्चाई आई सामने, ना मरीज कोविड पीड़ित और ना ऑक्सीजन की जरूरत थी; हार्ट अटैक से हुई मौत

28 Apr-2021

वामपंथी प्रोपेगेंडा मीडिया वेबसाइट द वायर की वरिष्ठ पत्रकार आरफा खानुम शेरवानी ने सोमवार 26 अप्रैल 2021 को मीटर पर मदद मांगते हुए एक मैसेज ट्वीट किया था। इस ट्वीट में उन्होंने एक शशांक नामक व्यक्ति के लिए मदद मांगते हुए लिखा था कि उस व्यक्ति को अपने दोस्त के नाना जी के लिए ऑक्सीजन की जरूरत है। इसके साथ ही उन्होंने इस स्वीट में उस व्यक्ति का नंबर भी साझा किया था।

प्रोपेगेंडा मीडिया वेबसाइट के पत्रकार के द्वारा किए गए ट्वीट के मात्र 15 मिनट के अंदर ही अमेठी के सांसद एवं केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने संज्ञान लेते हुए दिए गए नंबर पर संपर्क करने की कोशिश की। उन्होंने जवाब देते हुए लिखा की शशांक फोन नहीं उठा रहा है।

सिर्फ इतना ही नहीं केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने एक और ट्वीट कर बताया कि उन्होंने शशांक को तीन बार कॉल किया लेकिन किसी भी कॉल का जवाब नहीं मिला।

इसके अलावा केंद्रीय मंत्री ने अमेठी पुलिस और अमेठी के जिलाधिकारी को भी शशांक की मदद के लिए तत्काल निर्देश दिए थे।

इसके बाद वामपंथी प्रोपेगेंडा वेबसाइट की पत्रकार ने केंद्रीय मंत्री का ट्वीट देखा तो उन्होंने शशांक के साथ किसी अंकित को टैग करते हुए एक ट्वीट किया कि केंद्रीय मंत्री उन लोगों से बात करने का प्रयास कर रही है जिसके बाद रात 1:00 बजे उसने बताया कि शशांक के नाना जी अब दुनिया में नहीं रहे।

प्रोपेगेंडा पत्रकारों का वर्तमान स्थिति में जिस तरह से नकारात्मकता फैलाने का कार्य रहा है उससे पहले से ही यह संदेश जा रहा था कि इस पत्रकार के द्वारा किसी ना किसी तरह की साजिश के तहत इस घटना को अंजाम देने की कोशिश की गई है। क्योंकि यह मामला केंद्रीय मंत्री के संज्ञान में था तो उन्होंने जिला अधिकारी को जांच करने का निर्देश दिया जिसमें पूरी सच्चाई सामने आई।

जांच में सामने आया कि मरीज का इलाज एक प्राइवेट अस्पताल में चल रहा था और वास्तविकता में मरीज कोरोना से संक्रमित नहीं हुआ था और उसे किसी भी अस्पताल में भर्ती भी नहीं करवाया गया था।

मीडिया वेबसाइट ऑपइंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार जब उन्होंने इस पूरे मामले के संबंध में शशांक से बात की तो उन्होंने आरफा खानुम शेरवानी को जानने से इंकार कर दिया। शशांक का कहना था कि उन्होंने यह सारी बातें कभी कहीं नहीं जैसा आरफा ने कहा है। शशांक ने उस वेबसाइट को बताया कि वह उन्हें कभी नहीं जानते।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद अमेठी पुलिस ने पूरे मामले की जांच कर प्रतिक्रिया दी है। पुलिस ने कहा है कि तत्काल संपर्क करने पर जानकारी प्राप्त हुई कि उनके चचेरे भाई के नाना 88 वर्ष के थे ना उन्हें कोविड-19 ना ऑक्सीजन की चिकित्सीय परामर्श थी। रात 8:00 बजे उनकी मृत्यु हार्टअटैक से हुई। इस समय सोशल मीडिया पर इस प्रकार की समाज से भय पैदा करने वाली पोस्ट डालना निंदनीय ही नहीं, कानूनी अपराध भी है।


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